Thursday, 25 December 2014

विक्की टुडे 

ATM से फिर मिल सकते हैं अनलिमिटेड फ्री ट्रांजेक्शन, हाईकोर्ट ने RBI को दिया नोटिस

 


नई दिल्ली। अपने ही बैंक के एटीएम से अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन का रास्ता एक बार फिर खुल सकता है। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन को नोटिस भेज कर जवाब मांगा है।
कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी से पूछा है कि कस्टमर को अपने ही बैंक के एटीएम का इस्तेमाल करने पर क्यों चार्ज देना पड़ रहा है। एक नवंबर के बाद से कई सरकारी बैंकों और निजी बैंकों ने कस्टमर से अपने ही बैंक का एटीएम एक महीने में 5 बार से ज्यादा इस्तेमाल करने पर 20 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन का चार्ज लेना शुरू कर दिया है।
एजेंसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जी रोहिणी और पी.एस.तेजी की बेंच ने आरबीआई, एसबीआई और आईबीए को इस मामले में अपना पक्ष 18 फरवरी तक देने को कहा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कस्टमर को अपने बैंक का एटीएम इस्तेमाल करने पर पहले की तरह अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन की सुविधा बहाल करने की मांग की है।


क्या है मामला
 
भारतीय रिजर्व बैंक ने एक नवंबर 2014 से बैंकों को एटीएम ट्रांजेक्शन पर लिमिट तय करने का अधिकार शर्तों के साथ दिया है। जिसमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बंगलुरू में कस्टमर द्वारा दूसरे बैंक का एटीएम एक महीने में तीन बार से ज्यादा इस्तेमाल करने पर शुल्क लेने का अधिकार बैंकों को मिल गया है। इसी तरह बैंकों को अपने ग्राहकों से भी मुफ्त एटीएम ट्रांजेक्शन की सीमा तय करने का अधिकार है। जिसके तहत एसबीआई, एचडीएफसी, एक्सिस सहित कई बैंकों ने अपने ग्राहकों से भी बैंक का एटीएम इस्तेमाल करने की मुफ्त सीमा  तय कर दी है। यानी अगर कोई कस्टमर उस बैंक का एटीएम तय सीमा के बाद से ज्यादा इस्तेमाल करता है, जिसमें उसका खाता है, तो उसे बैंक को प्रति ट्रांजेक्शन फीस चुकानी पड़ती है।

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