नई दिल्ली। अब छोटे कारोबारियों को कारोबार के रजिस्ट्रशन के
लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सरकार जल्द ही रजिस्ट्रेशन
के लिए ऑनलाइन पोर्टल लांच करने जा रही है। जिसके जरिए कारोबारी घर बैठे
ईएम-1 और ईएम-2 के लिए फाइलिंग कर सकेंगे। पोर्टल के जरिए कारोबारियों को न
केवल रजिस्ट्रशन कराना आसान होगा, बल्कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं
का लाभ उठाना भी आसान हो जाएगा।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने
मनीभास्कर को बताया कि जल्द ही मंत्रालय एक ऑनलाइन पोर्टल लांच करने जा रहा
है। इसके लिए एनआईसी के साथ मिलकर एक सॉफ्टवेयर डेवलप किया गया है। जिससे
देश के सभी राज्यों को जोड़ा जा रहा है। इसके तहत तमिलनाडु सहित कुछ
राज्यों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है।जल्द ही दूसरे राज्य इसे
शुरू कर देंगे। जो सभी एक नेशनल पोर्टल से जुड़े होंगे।
ऑनलाइन होगा रजिस्ट्रेशन
अधिकारी के अनुसार पोर्टल से 658 जिलों और 644 जिला आद्योगिक केंद्रों
को जोड़ा जा रहा है। इसके तहत कोई भी कारोबारी सीधे ऑनलाइन ही ईएम-1 और
ईएम-2 फाइलिंग कर सकेगा। इंटरप्रेन्योर मेमोरेंडम (ईएम) फाइलिंग में पहले
चरण के बाद ईएम-2 फाइलिंग होती है। दोनो फाइलिंग जल्द ही ऑनलाइन होगी। इसका
सीधा फायदा कारोबारियों को मिलेगा। फाइलिंग से वह आर्गनाइज्ड क्षेत्र में आ
जाएंगे।
सरकार की योजनाओं का मिलेगा लाभ
अधिकारी के अनुसार ताजा आकंलन के अनुसार देश में इस समय करीब 4 करोड़
छोटे और मझोले कारोबारी हो चुके हैं। जिसमें से केवल 5 फीसदी ही आर्गनाइज्ड
सेक्टर में है। बाकी के 95 फीसदी एमएसएमई सेक्टर में होने के बावजूद
सेक्टर के दायरे से बाहर हैं। जिस कारण एमएसएमई सेक्टर के लिए चलाई जा रही
है, किसी भी तरह की स्कीम का वह फायदा नहीं उठा पाते हैं। ऑनलाइन
रजिस्ट्रेशन से कारोबारियों के लिए आर्गनाइज्ड सेक्टर में आना आसान होने के
साथ-साथ, उनके लिए सरकार, बैंकों आदि की स्कीम का लाभ उठाना भी आसान हो
जाएगा।
कागजी कार्यवाही के वजह से नहीं कराते रजिस्ट्रेशन
अधिकारी के मुताबिक ज्यादातर छोटे कारोबारी प्रोपराइटशिप में कारोबार
करते हैं। ऐसे में वह कारोबार शुरू करने के लिए पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल
सर्टिफिकेट जैसे बेहद अनिवार्य सर्टिफिकेट आदि ही लेते हैं। लेकिन एमएसएमई
सेक्टर आदि के तहत अहम रजिस्ट्रेशन लंबी कागजी कार्यवाही और दूसरी वजहों के
कारण नहीं कराते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा अब सभी राज्यों में
उपलब्ध होगी। जिससे आसानी से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा।
योजनाएं बनाना होगा आसान
अधिकारी के मुताबिक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से हमें उम्मीद है कि
रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ेगी। ऐसे में सरकार के लिए छोटे औऱ मझोले
कारोबारियों के बारे में जानकारी जुटाना कहीं आसान होगा। साथ ही उनकी जरूरत
के मुताबिक योजनाएं तैयार करना भी सरल होगा।
No comments:
Post a Comment